एएसआई की टीम ने शनिवार को तहखाने को साफ कराया, फिर सर्वे शुरू किया। सर्वे के दौरान मौजूद अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि एएसआई की टीम के साथ हिंदू व मुस्लिम पक्ष के लोग भी ज्ञानवापी स्थित तहखाने में गए थे। वहां साफ-सफाई कराकर पर्याप्त प्रकाश और हवा की व्यवस्था करने के बाद एएसआई की टीम ने मैपिंग, फ्रेमिंग और स्कैनिंग की है। ज्ञानवापी के पश्चिमी दीवार के पीछे साक्ष्य एकत्र करने के लिए घास वगैरह की सफाई कराई गई है।
थ्री-डी इमेजिंग की, जारी रही फोटो और वीडियोग्राफी
हिंदू पक्ष की वादिनी राखी सिंह के अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि एएसआई की टीम ने शनिवार को ज्ञानवापी की मौजूदा इमारत की थ्री-डी इमेजिंग की। इमारत की थ्री-डी इमेजिंग के लिए ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) की मदद ली गई। इसके अलावा ज्ञानवापी परिसर के आंतरिक हिस्से की मैपिंग और स्कैनिंग के साथ ही फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का काम जारी रहा। अब तक जांच में किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया है। न ही कहीं खोदाई की गई है। एएसआई की टीम ज्ञानवापी के बाहर और अंदर के एक-एक कोने को देखकर अध्ययन के लिए साक्ष्य जुटा रही है।
जीपीआर तकनीक का सहारा जल्द
अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि एएसआई की टीम जल्द ही ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (जीपीआर) तकनीक का सहारा लेगी। इसमें दो से तीन दिन का समय लगेगा। एएसआई की टीम ने बताया कि जीपीआर तकनीक में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन की मदद से ऐसे सिग्नल मिलते हैं, जो यह बताने में कारगर साबित होते हैं कि जमीन के नीचे किस प्रकार और आकार की वस्तु या ढांचा है। जीपीआर तकनीक के इस्तेमाल में किसी भी प्रकार की खोदाई की आवश्यकता नहीं पड़ती है और न इससे मौजूदा इमारत को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचता है।
सर्वे करने पहुंची 43 सदस्यीय टीम
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने बताया कि सर्वे के तीसरे दिन एएसआई की 43 सदस्यीय टीम पहुंची थी। सर्वे का काम सुबह आठ बजे शुरू हो गया। नमाज और लंच ब्रेक के कारण दोपहर 12:30 बजे से दो बजे तक सर्वे का काम रुका रहा। इसके बाद सर्वे शुरू हुआ तो शाम तक जारी रहा। 5:15 बजे एएसआई की टीम ज्ञानवापी से बाहर निकल गई।
आज सभी सुबह आठ बजे से सर्वे
रविवार को भी सर्वे का काम सुबह आठ बजे से शुरू होगा, जो शाम पांच बजे तक चलता रहेगा। बीच में लंच ब्रेक रहेगा। नमाज के दौरान भी सर्वे का काम रोका जाएगा।