संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को जल्द ही नया कुलपति मिल सकता है। कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय से नामित सर्च कमेटी के सदस्य के नाम पर अपनी मुहर लगा दी है। कुलपति के लिए बीएचयू, गोरखपुर विवि, केंद्रीय संस्कृत विवि सहित दक्षिण भारत के संस्कृत विश्वविद्यालयों से अब तक 12 से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन आ चुके हैं। मंगलवार को आवेदन की अंतिम तारीख है।कुलपति प्रो. एके त्यागी की अध्यक्षता में सोमवार को योग साधना केंद्र में कार्यपरिषद की बैठक हुई। कर्नाटक संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस अहल्या को सर्च कमेटी का सदस्य निर्वाचित किया गया। प्राे. त्यागी ने कहा कि विश्व की सभी भाषाओं में संस्कृत सबसे प्राचीन और उत्तम है। इसका ज्ञान भंडार विश्व का एक नायाब और अमूल्य खजाना है। कार्यपरिषद की बैठक में 28 जुलाई की कार्यवाही की पुष्टि और निर्णयों के क्रियान्वयन की सूचना दी गई। कुलपति ने कहा कि नैक से विवि को ए ग्रेड मिला था। इसे अपग्रेड होकर ए प्लस या ए प्लस-प्लस लाना है। सभी परस्पर सामंजस्य स्थापित करें। उन्होंने कहा कि नैक की तैयारियों के क्रम में वैदिक एवं संस्कृत संस्थानों से जुड़कर चलने की जरूरत है। इससे अन्वेषण कार्य एवं शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होगा। संचालन कुलसचिव राकेश कुमार ने बतौर सचिव किया। इस दौरान प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. राजनाथ, प्रो. हीरक कांत चक्रवर्ती, प्रो. विजय कुमार पांडेय,प्रो. अमित कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।