चोलापुर। यूपी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को धता बताते हुए सदर तहसील में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि जिस लेखपाल के खिलाफ उसने भ्रष्टाचार और अवैध उगाही की शिकायत की थी, उसी लेखपाल ने ही जांच कर मामले को रफा-दफा कर दिया। कटारी निवासी देवेंद्र बहादुर सिंह ने तहसील दिवस प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 20 दिसंबर को लेखपाल सतीश चंद्र के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि लेखपाल आराजी संख्या 568 के फांट (बंटवारे) की जांच के नाम पर अभद्र व्यवहार कर रहे थे। साथ ही रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित का कहना है कि लेखपाल ने धमकी दी थी कि पैसे न देने पर रास्ता रोक दिया जाएगा। पीड़ित उस समय दंग रह गया जब उसने ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी शिकायत का निस्तारण देखा। शिकायती पत्र के अनुसार, आरोपी लेखपाल सतीश चंद्र ने खुद ही जांच अधिकारी बनकर अपनी रिपोर्ट लगा दी और मामले को खारिज कर दिया। देवेंद्र बहादुर सिंह ने तहसील प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। संवाद