वाराणसी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा की अदालत ने नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लेकर हाजिरी रजिस्टर पर कूटरचना कर वादी और पीड़ितों से हस्ताक्षर कराने के मामले में गाजीपुर के सैदपुर स्थित तार घर के सीनियर टीओए अनिल कुमार राय को बरी कर दिया। अदालत ने यह आदेश गवाहों के पक्षद्रोही होने और आरोप सिद्ध नहीं होने पर दिया है। आरोपी की पैरवी अधिवक्ता विधान चंद सिंह यादव और ओपी सिंह ने की। अभियोजन के मुताबिक बलवंत चौहान ने आरोपी सादात निवासी तार घर कर्मी पर नौकरी लगाने के नाम पर वादी सहित कई अन्य लोगों से पैसा लेकर हाजिरी रजिस्टर पर कूटरचित हस्ताक्षर करा कर पैसा हड़पने का आरोप लगाया था। इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष 2001 में गाजीपुर के सैदपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। संवाद