बीएचयू में युवा संगम के तीसरे चरण के लिए तेलंगाना से आए 50 छात्रों का दल बुधवार को सारनाथ पहुंचा। इतिहास की जानकारी लेने के बाद वह धमेख, चौकड़ी सहित अन्य स्तूपों को देख छात्र और शिक्षक उत्साहित हो गए। छात्रों ने कबीरचौरा मठ में संत कबीर के दर्शन किए।
एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत छात्र सबसे पहले तिब्बती मंदिर पहुंचे। इसके बाद सारनाथ संग्रहालय में रखी मूर्तियों, खोदाई में निकले अवशेषों को देखा। नोडल अधिकारी डॉ. नंदलाल के मार्गदर्शन में तिब्बत अध्ययन संस्थान पहुंचे। केंद्रीय तिब्बती पुस्तकालय की झलक देखी और साहित्य, ग्रंथों की जानकारी ली। कुलपति डॉ. वांगचुक दोरजी नेगी की मौजूदगी में टीम का जोरदार स्वागत किया गया। बीएचयू के तेलुगु संकाय से प्रोफेसर मूर्ति, स्वयंसेवक सुशांत, सुनीता चंद्रा मौजूद रहे।
बनारस संगीत घराने की गलियों में घूमे छात्र
तेलंगाना से आए छात्र बुधवार को बनारस संगीत घराने की गलियों में गए। उत्तर भारतीय शास्त्रीय कला और संगीत के कलाकारों के बारे में जानकारी ली। कबीर मठ में प्रो. राजेश्वर आचार्य ने जलतरंग की प्रस्तुति दी। कबीर के दोहे की मनमोहक संगीतमय प्रस्तुति को भी सुना। कार्यक्रम में प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, प्रो. वीएन मिश्रा, प्रो. एनवी चलपति राव, प्रो. जेके रॉय, प्रो. पीवी राजीव, प्रो. पीएस राणा, प्रो. नीलम रहे।