वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में जल और कचरा प्रबंधन के लिए स्थायी समाधान की तकनीक के इस्तेमाल पर वर्कशॉप शुरू हुआ। संस्थान के सेंट्रल फॉर फैकल्टी डेवलपमेंट के कॉन्फ्रेंस रूम में जल और कचरा क्षेत्रों में उभरती हुई 20 तकनीक का मूल्यांकन होना है। आईआईटी के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि कार्यक्रम के बाद भारत जलवायु परिवर्तन के समाधान और अनुकूलन की वैश्विक कोशिशों में प्रमुख भूमिका निभाएगा। दो दिन की कार्यशाला में हर तकनीक का मूल्यांकन पांच मानदंडों सामाजिक, तकनीकी, पर्यावरणीय, आर्थिक और नीति के आधार पर किया जाएगा। हर विशेषज्ञ तकनीक को 1 से 10 के पैमाने पर अंकित करेंगे। 10 बेस्ट तकनीक की पहचान की जाएगी। जल और कचरा प्रबंधन सिस्टम पर सबसे बड़ा प्रभाव हो सकता है। ये रिपोर्ट पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन में प्रस्तुत की जाएगी। ब्यूरो