महाविद्यालयों में शोध कार्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परास्नातक के साथ ही स्नातक विभाग के शिक्षकों को भी शोध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। शासन, उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी होने के बाद अब कुलपति ने भी आदेश कर दिया है। महाविद्यालयों में तैनात स्नातक विभागों के शिक्षकों को शोध निर्देशक बनाया जाएगा। ऐसे नियमित एवं पूर्णकालिक शिक्षक जो पीएचडी हैं और उनके कम से कम 5 शोधपत्र जर्नल में प्रकाशित हों ऐसे शिक्षक ही शोध निर्देशन कर सकेंगे। महाविद्यालय के शोध पर्यवेक्षक पास के संस्थानों/ महाविद्यालय/ रिसर्च एवं डेवलपमेंट प्रयोगशालाओं / विश्वविद्यालय एवं अन्य संगठनों की संरचना एवं शोध हेतु सहायक सुविधाओं का उपयोग अपने शोध को स्वच्छ बनाने हेतु कर सकते हैं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की ओर से जारी आदेश में विश्वविद्यालय से संबद्ध अनुदानित/ राजकीय महाविद्यालय के शोध निर्देशक बनने के लिए शिक्षकों से आवेदन निर्धारित प्रपत्र पर प्राचार्य /विभागाध्यक्ष से अग्रसारित कराकर समिति अनुभाग में 10 अक्तूबर तक जमा करने को कहा गया है। आवेदन का प्रारूप विश्वविद्यालय की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एमजीकेवीपी डॉट एसी डॉट इन पर उपलब्ध है।