काशी तमिल संगमम में आए प्रतिनिधियों ने बुधवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। यहां की संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के लिए किए जाने वाले प्रयासों से रूबरू हुए। काशी सहित देश भर में संबद्ध महाविद्यालयों में पठन-पाठन के बारे में भी जानकारी ली। तमिल प्रतिनिधियों का स्वागत कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दुपट्टा, रुद्राक्ष की माला और विश्वविद्यालय से प्रकाशित पंचांग देकर किया। ऐतिहासिक मुख्य भवन, वेधशाला, सरस्वती भवन पुस्तकालय एवं विस्तार भवन पुस्तकालय को देख प्रतिनिधि भावविभोर हो गए। उन्होंने सरस्वती भवन पुस्तकालय में रखे दुर्लभ पांडुलिपियों को भी देखा। तीन लाख से अधिक दुर्लभ ग्रंथों का सूक्ष्मता से अवलोकन कर टीम का नेतृत्व कर रहे मदुरई ने कहा कि यह संस्था भारत, भारतीय और भारतीयता के मर्म को वैश्विक स्तर स्थापित करने वाली है। तमिल प्रतिनिधियों का नेतृत्व कर रहे डॉ. गोविंद राजन ने कहा कि काशी को समझने के लिए देववाणी संस्कृत के इस मंदिर में आना होगा। इस दौरान डॉ जगदीशन, डॉ. भूपीनंदन आदि मौजूद रहे।