दुर्ग विनायक गणेश मंदिर दुर्गाकुंड में जल विहार की झांकी सजाई गई। भगवान प्रथमेश ने करीब 18 घंटे तक जल क्रीड़ा की। 251 किलो का लड्डू चढ़ाया गया। मंदिर के गर्भगृह को जलाशय का रूप दिया गया, जिसे 108 कमल के फूलों से सजाया गया था। भगवान गणेश ने जलक्रीड़ा करते हुए भक्तों को दर्शन दिए। दोपहर में फलाहार का भोग लगा, जबकि शाम को 251 किलो लड्डू अर्पित किया गया। भगवान गणपति की विराट आरती की गई। महंत पं. ज्ञानेश्वर दुबे के नेतृत्व में गणेश जी का शृंगार हुआ।अनुष्ठान में पुजारी अशोक मिश्रा, व्यवस्थापक पं. तारकेश्वर दुबे, निर्भय उपाध्याय, ईशान दुबे, अंकित उपाध्याय, उमेश शुक्ला आदि शामिल रहे।