वाराणसी में रविवार को भेलूपुर स्थित एक होटल में आयोजित कला प्रकाश की ओर से गायन की प्रस्तुती द
कला प्रकाश की ओर से प्रभाती शृंखला के तहत रविवार को भेलूपुर स्थित एक होटल में शास्त्रीय संगीत की महफिल सजाई गई। बंगलूरू से आए ग्वालियर और किराना घराने के गायक पं. दत्तात्रेय वेलंकर ने सुर साधा। अपने घराने की मिठास को काशी की संगीत के आबो हवा में खोलकर कर रसिकों को आनंद की अनुभूति कराया। उन्होंने राग अहीर भैरव से गायन की शुरुआत की। इस राग में विलंबित एक ताल की बंदिश सुनाई। बोल - रसिया म्हारा...। इसके बाद द्रुत तीन ताल की बंदिश सुनाई। बोल थे- मनवा तू जागत रहिए...। तबले पर प्रो. प्रवीण उद्धव, हारमोनियम पर मोहित साहनी व तानपूरे पर अविनाश कुमार ने संगत की। कलाकारों का स्वागत पं. रविंद्र नारायण गोस्वामी, डॉ. प्रेम नारायण सिंह व अरविंद अग्रवाल ने किया। संयोजन डॉ. आशीष, धन्यवाद अशोक कपूर और संचालन सीमा सिंह ने किया।