असम के जोरहाट स्थित वायुसेना की यूनिट के लापता एएन- 32 विमान का मलबा अरुणाचल प्रदेश में मिलने की सूचना मिली है, लेकिन उसमें बलिया के सवार सूरज सिंह समेत अन्य 13 का पता नहीं चल पाया है। परिवार के लोग अनहोनी की आशंका से परेशान हैं।
विमान का मलबा मिलने की सूचना पर मंगलवार को सूरज सिंह के परिजनों को उम्मीद जगी लेकिन विमान में सवार लोगों की जानकारी नहीं मिलने पर परिवार के लोग अनहोनी की आशंका से परेशान हैं। तीन जून को वायुसेना का विमान लापता होने की सूचना के बाद से ही सूरज के परिवार के लोग परेशान हैं। सूरज के दो भाई भी जोरहाट गए थे लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। सूरज की पत्नी, पिता समेत परिवार के सभी लोग चिंता में हैं।
मंगलवार को परिवार के लोगों को पता चला कि वायु सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान अरुणाचल प्रदेश के लिपो में विमान का कुछ मलबा मिला है। बाकी हिस्सों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलने का समाचार आते ही लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। यह विमान तीन जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद लापता हो गया था। इस विमान में आठ क्रू मेंबर समेत 13 लोग सवार थे। इसमें शोभाछपरा निवासी एयरफोर्स के जवान सूरज सिंह भी थे।
आंखों में आंसू लिए सूरज के पिता विनोद सिंह ने कहा कि काश सूरज 15 दिनों की जगह 24 दिनों की छुट्टी पर रहा होता तो शायद इस हादसे से बच जाता। तीन माह पहले सूरज की शादी शालू से हुई थी। शालू ईश्वर से पति की सलामती की कामना कर रही है।
जवानों की सलामती के लिए हवन :
भारतीय वायुसेना के लापता विमान एएन-32 में सवार सभी जवानों की सलामती के लिए क्षेत्र के खरहाटार स्थित शिव मंदिर में मंगलवार को हवन पूजन किया गया। इस दौरान लोगों ने जवानों की सकुशल वापसी की कामना की। मंदिर के पुजारी मुनेश्वर दास और पप्पू पाठक ने पूजन-अर्चन किया।