वाराणसी। स्मार्ट सिटी कानपुर की तर्ज पर अब पूर्वांचल के उपकेंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा। जिले के सभी उपभोक्ताओं का जीआईएस सर्वे कराया जाएगा। इसके अलावा जिले में इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां उपभोक्ताओं से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की जाएगी और उनका समाधान कराया जाएगा। कुल मिलाकर जिले में इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक पर स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लागू होगा। पूर्वांचल डिसकॉम के प्रबंध निदेशक शंभु कुमार ने मंगलवार को भिखारीपुर स्थित कार्यालय में अधिकारियों संग बैठक कर काम में तेजी लाने को कहा।
बैठक में नेशनल स्मार्ट ग्रिड सिस्टम के अधिकारियों ने पूर्वांचल डिस्कॉम के सभी 21 जिलों में तकनीक के उपयोग से बिजली व्यवस्था सुधारने के तरीकों पर मंथन किया। चर्चा के मुताबिक बिजली निगम नई तकनीक को अपनाएगा। इस तकनीक का फायदा यह होगा कि बिजली उपकेंद्रों की मॉनिटरिंग ऑनलाइन होगी। साथ ही ब्रेकडाउन होने के पहले जानकारी मिल जाएगी। ड्रोन के माध्यम से सभी लाइनों और उपकेंद्रों की पेट्रोलिंग की जाएगी। उपभोक्ताओं को बिल संबंधित समस्याओं से परेशान नहीं होना पड़ेगा। बैठक में तय हुआ कि इस महीने के अंत में बिजली निगम इसका प्रस्ताव शासन को भेजेगा। इसके पूर्व प्रबंध निदेशक ने नगर निगम और चौकाघाट उपकेंद्र का निरीक्षण किया। बैठक में उन्होंने ओटीएस की समीक्षा की और सभी कार्यों में तेजी लाने को कहा है। बैठक में निदेशक कार्मिक, निदेशक तकनीकी, निदेशक कॉमर्शियल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।