इसी लिहाज से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रवर्तन की टीमें लगाई जा रही हैं। एक अप्रैल 2019 के पहले खरीदे गए वाहनों में एचएसआरपी की अनिवार्यता के बाद वाहन स्वामियों को 15 फरवरी 2023 तक इसे लगवाने का मौका दिया गया था, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हुआ। अब सख्ती की जा रही है।
डाफी में बना नया टोल प्लाजा
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वाराणसी में अब तक बिना एचएसआरपी वाले 312 वाहनों का चालान किया गया। 154 वाहनों में अस्पष्ट एचएसआरपी पर चालान किया गया है। डाफी टोल प्लाजा आठ-आठ घंटे की ड्यूटी पर तीन प्रवर्तन टीमें तैनात की गई हैं। यह टीमें रोजाना 30 से 40 वाहनों का चालान कर रही हैं।
जिले में कई विभागों में सरकारी वाहन भी बिना एचएसआरपी के फर्राटा भर रहे हैं। अलग-अलग विभागों में 2300 वाहन हैं। इनमें 501 वाहन 15 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं, फिर भी सड़क पर दौड़ रहे हैं। हालांकि 501 वाहनों को कबाड़ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मार्च तक स्क्रैप सेंटर का चयन करने के बाद इन वाहनों को वहां खड़ा कर दिया जाएगा।
एचएसआरपी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट bookmyhsrp.com/index.aspx है। यहां दो विकल्प दिखाई देंगे, जहां पहले में आप हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और स्टीकर ऑर्डर कर सकते हैं। जबकि दूसरे में खाली कलर स्टीकर मंगवा सकते हैं। आपको नंबर प्लेट मंगवाने के लिए पहले वाले विकल्प को चुनना है।
फिर आपको वह राज्य चुनना है, जिस राज्य में आपकी गाड़ी पंजीकृत है। इसके बाद अपनी गाड़ी का नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर और स्क्रीन पर दिए हुए कैप्चा कोड को दर्ज करके क्लिक करना है। विकल्प आने पर दो पहिया वाहन के लिए 300- 400 रुपये और चार पहिया वाहन के लिए 600-1100 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
परिवहन अधिकारी डा. कौशलेंद्र ने बताया कि एचएसआरपी में लगी चिप को स्कैन कर वाहन से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह नंबर प्लेट वाहनों में स्थायी होता है। इसे बदला नहीं जा सकता है। एचएसआरपी पर दर्ज नंबर से छेड़छाड़ भी नहीं जा सकती है।
बिना एचएसआरपी वाले वाहन स्वामियों को मोबाइल मैसेज के जरिये नोटिस भेजे जा रहे हैं। यह काम तेजी से चल रहा है। बिना एचएसआरपी वाले वाहनों का चालान भी किया जाएगा। जुर्माना वसूला जाएगा।- सर्वेश कुमार चतुर्वेदी, एआरटीओ, प्रशासन