देवी देवताओं के धरा पर उतारने का पर्व देव दीपावली शुक्रवार को उत्साह के साथ मनाया गया। चेत सिंह घाट पर लाइट एंड साउंड शो, प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिये दिखाई गई। चेतसिंह किले की दीवार पर करीब 20 मिनट तक विदेशी मेहमानों ने लेजर शो प्रोजेक्शन मैपिंग पर गंगा अवतरण की कहानी देखी। गंगा महल, रीवा कोठी, तुलसी घाट, भदैनी, आनंदमयी, बच्छराज, जैनघाट, आनंद मई के बाद चेतसिंह घाट यहां पर्यटन विभाग की ओर से लेजर लाइट शो का आयोजन हुआ।
चेतसिंह घाट पर बने बैरिकेडिंग पर दबाव बनाने की कोशिश पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। शो शुरू होने के बाद पुलिस ने चेतसिंह और शिवाला घाट की ओर से बैडिकेडिंग से लोगों की आवाजाही रोक दी, लेकिन अस्सी की ओर से आ रही भीड़ आगे जाने के लिए बैरिकेडिंग को धक्का देने लगी।
आतिशबाजी देख सैनाली मंत्रमुग्ध
गंगा द्वार के दूसरी ओर रेती पर आतिशबाजी हुई। शाम करीब 7.45 बजे आसमान में आतिशबाजी देख पर्यटक मंत्रमुग्ध हो गए। रंग बीरंगी आतिशबाजी को मोबाइल कैमरे में कैद करने के लिए उतावले हो उठे। घाट घूमने आई दीक्षा सिंह ने बताया कि आसमान में पटाखे फूटते देख अद्भुत लगा। । वहीं घाट घूमने आए प्रताप बहादुर सिंह ने बताया कि पटाखों का ऐसा मनोरम दृश्य कभी नहीं देखा। ।
पंचकोट घाट पर कलाकारों ने बनाई रंगोली
पंचकोट घाट पर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को समर्पित रंगोली बनाई गई। यहां घम्हापुर के विद्यार्थी शिवानी, मुस्कान, विकास, रोशनी रिया ने रंगोली बनाई। अस्सी घाट पर अयोध्या की थीम पर रंगोली बनाई गई। जैन घाट पर जीओ और जीने दो की थीम पर रंगोली सजाई गई।
पर्यटकों ने दोगुने दाम पर खरीदे टिकट
टूर ऑपरेटर द्वारा टेंपल टूर के तहत सोमवार को देव दीपावली पर छह बजड़ों से पर्यटकों को देव दीपावली पर घाटों का भ्रमण कराया। एक बजड़े पर 40 पर्यटक को स्थान मिला। पर्यटकों की मांग की वजह से आयोजकों ने अंतिम मौके पर टिकट को करीब दोगुने मूल्य पर बेचा। शुरुआत में टिकट का मूल्य 2800 रुपये था, जिसे शाम छह बजे से पांच हजार कर दिया गया। शिवाला घाट टूर ऑपरेटर से टिकट लेने की लिए लोगों की भीड़ ने धक्का मुक्की हुई।