वाराणसी। जापानी तकनीक से प्राथमिक विद्यालय लहरतारा में प्रदेश का पहला ताइसी स्वायल सिस्टम लगाया गया है। जिसका ट्राॅयल सफल होने के बाद इसका निरीक्षण मंगलवार को नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने किया। उन्होंने इसकी खूबियां देखीं। बताया कि जापान के सहयोग से विद्यालय में ताइसी स्वायल सिस्टम (टीएसएस) तैयार किया गया। यह इको फ्रेंडली सिस्टम है। इससे मल-जल का शोधन बेहद सरल तरीके से किया जाता है। इसके प्लांट को बगैर किसी बिजली के आसानी से चलाया जा सकता है। इसकी क्षमता 4000 लीटर मल-जल को प्रतिदिन शोधन करने की है। यह प्लांट विद्यालय और सुलभ शौचालय के मल जल का शोधन करता है। कार्यदायी सार संस्थान, तारा नई दिल्ली की टीम ने इसका निर्माण कराया है। इसी क्रम में नगर आयुक्त ने विद्यालय के पास सामुदायिक शौचालय का भी निरीक्षण किया।
प्राकृतिक प्रक्रियाओं से जल को शुद्ध करती ताइसी स्वायल सिस्टम
जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के सहयोग से डेवलपमेंट अल्टरनेटिव ग्रुप की एक इकाई तारा ने टीएसएस को लागू किया है। यह अपशिष्ट जल उपचार तकनीक है। जो बगैर बिजली के चलती है। प्राकृतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से सीवेज अपशिष्ट जल को शुद्ध करती है। उपचारित पानी गंधहीन, पारदर्शी, धुलाई और बागवानी युक्त होती है। यह तकनीकी भारतीय परिप्रेक्ष्य में बड़े पैमाने पर विकास के लिए उपर्युक्त है।