जिलास्तरीय कुश्ती के दौरान घुटना इंजर्ड हो गया था, इस वजह से खेल से छह महीने तक दूर रहना पड़ा। चिकित्सकों की सलाह पर अभ्यास शुरू किया। उक्त बातें सिगरा स्टेडियम की कुश्ती राष्ट्रीय खिलाड़ी कौशिकी पाल ने बातचीत के दौरान कही। उन्होंने बताया घुटने की इंजरी के बाद लगा कि अब खेल खत्म हो गया लेकिन चिकित्सक की सलाह पर छह माह रेस्ट और फिजियोथेरेपी कराना जारी रखा। इसमें काफी सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2016 से कुश्ती खेलना शुरू किया था। इसमें सब जूनियर ओर जूनियर और सीनियर वर्ग की प्रादेशिक और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक शामिल हैं। कोच गोरख यादव ने बताया कि कुश्ती में इंजरी की संभावना तो रहती है। इसीलिए वार्मअप के बाद ही खिलाड़ी को मैच में उतारा जाता है। कई बार गलत एंगल से गिरने या विरोधी के चलते भी खिलाड़ी इंजर्ड होते हैं, लेकिन फिजियों की मदद के बाद खिलाड़ी मैट पर लौटकर पदक जीतते हैं।