वाराणसी। अब काशी में नन्हे मुन्नों को भी बेहतर एथलीट बनाया जा सकेगा। इसके लिए सोमवार को यूपी एथलेटिक्स संघ द्वारा ऑनलाइन आयोजित दिशा वेबिनार के तहत किड्स एथलेटिक्स पर चर्चा हुई। जिससे प्रदेश 54 प्रशिक्षक जुड़े। उत्तर प्रदेश कोचिंग कमेटी के अध्यक्ष दिनेश जायसवाल ने बताया कि 7 से 10 जून तक दिशा वेबिनार के माध्यम से प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण का ज्ञान अनुभवी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षकों द्वारा दिया जा दिनेश ने बताया कि लोग एथलेटिक्स में 12 से 14 साल के बाद ही हिस्सा लेते हैं। जबकि विदेशों में एथलेटिक की शुरुआत बच्चे छह से सात साल की उम्र से शुरू कर देते हैं। मगर इसके लिए विदेशों में अनुभवी कोच होते हैं। जो कि बच्चों के सुविधानुसार एथलेटिक का प्रशिक्षण देते हैं। किड्स एथलेटिक के इतिहास की बात की जाए तो 2005 में विश्व एथलेटिक्स फेडरेशन द्वारा किड्स एथलेटिक्स को मान्यता दिए जाने के बाद इसका 134 देशों ने समर्थन किया। हालांकि भारत काफी देर से 2013 में किड्स एथलेटिक्स मान्यता दी। जिसका फॉलोअप यूपी समेत देश के 19 प्रदेश करते हैं। आने वाले दिनों में जल्द ही छोटे बच्चों को छह से सात साल की उम्र से ही एथलेटिक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।