कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय कार्यालय ने नियोक्ताओं से कर्मचारी नामांकन अभियान-2026, विश्वास योजना-2026 और एमनेस्टी योजना-2026 का लाभ उठाने की अपील की है। इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना, लंबित अनुपालन को नियमित करना और वर्षों से लंबित विवादों का त्वरित समाधान करना है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त शोभित सिंघल ने बताया कि कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 31 अक्तूबर तक चलेगा। इसके तहत एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच कार्य करने वाले ऐसे पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ना है जो अब तक किसी कारणवश सदस्य नहीं बन सके। इस अभियान में कर्मचारी अंशदान पर 100 प्रतिशत छूट (यदि अंशदान नहीं काटा गया हो) और केवल 100 रुपये का नाममात्र क्षतिपूर्ति शुल्क देय होगा। वहीं, विश्वास योजना 29 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह एक वन टाइम सेटलमेंट योजना है, जिसके माध्यम से 14 जून 2024 से पूर्व के लंबित मामलों में क्षतिपूर्ति संबंधी विवादों का रियायती दरों पर निपटारा किया जा सकेगा। एमनेस्टी याेजना 29 दिसंबर तक प्रभावी रहेगी।