फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशी में दक्षिण भारतीय जलाएंगे कार्तिक मास का पहला दीप

विज्ञापन
विज्ञापन
भारत विभिन्नताओं का देश यूं ही नहीं कहा जाता है। पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण तक विविधताओं का यह संगम मिलकर हिंदुस्तान बनाता है। देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में भी विविधताओं का संगम है। काशी और दक्षिण भारत की संस्कृति के सेतुबंध को और मजबूत करने के लिए बनारस में काशी तमिल संगमम हो रहा है। दक्षिण भारतीय जहां काशी में अपना कार्तिक मास मनाएंगे।
विज्ञापन

काशी विश्वनाथ धाम में पहला दीपक अर्पित करने के बाद तमिल समाज के कार्तिक मास का श्रीगणेश होगा। 17 नवंबर से 16 दिसंबर तक होने वाले आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि तमिल समुदाय का कार्तिक मास 17 नवंबर से आरंभ हो रहा है। शिव मंदिरों में कार्तिक मास पर्यंत दीप जलाने की परंपरा है। पारंपरिकता और आधुनिकता के साथ ही ज्ञान का आदान प्रदान भी आयोजन के दौरान होगा। महीने भर के आयोजन में 12 समूह चार-चार दिन के काशी भ्रमण पर आएंगे। हर तीसरे दिन तमिलनाडु के दो से सवा दौ सौ लोगों का समूह बनारस पहुंचेगा। इसमें छात्र, अध्यापक, कलाकार, हस्तशिल्पी, किसान, प्रोफेशनल्स, मंदिरों के प्रतिनिधि और कलाकार भी शामिल हैं।
चार दिन का नियत है कार्यक्रम
बनारस आने वाले तमिल समुदाय के लोगों के लिए चार दिन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसमें पहले दिन काशी विश्वनाथ धाम, गंगा आरती, टीएफसी भ्रमण होगा। दूसरे दिन संवाद स्थानीय भ्रमण, तीसरे दिन प्रयागराज व अयोध्या भ्रमण और चौथे दिन वापसी के बाद रात में बनारस से प्रस्थान का कार्यक्रम निर्धारित है।
विज्ञापन

तमिल संघ जुटा स्वागत में
काशी में स्थानीय दक्षिण भारतीय समुदाय और तमिल संघ भी स्वागत की तैयारियों में जुटा हुआ है। काशी तमिल संघ के सदस्य वीएस सुब्रमण्यम मणि ने बताया कि उत्तर और दक्षिण के पंचांग में 15 दिनों का अंतर होता है। इसलिए तमिल समुदाय के कार्तिक मास का आरंभ 17 नवंबर से होगा। काशी में बाबा विश्वनाथ के बाद कांची मठ, कामकोटिश्वर मंदिर, कुमारस्वामी मठ, विशालाक्षी देवी का मंदिर, नाटकोट क्षत्रम, भजन मठ, हनुमान घाट, शिव मठ, तिलभांडेश्वर मंदिर और केदारेश्वर मंदिर श्रद्धा के प्रमुख केंद्र हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें