पता चल गया कि बुजुर्ग का भरण-पोषण सही ढंग से नहीं हो रहा है। बेटे इस ओर ध्यान भी नहीं दे रहे हैं। इसीलिए प्रशासन व पुलिस की टीम ने लालचंद को मकान और तीन बीघे खेत का कब्जा दिला दिया है। अब बेटे किसी भी तरह का व्यवधान पैदा करेंगे तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नायब तहसीलदार ने मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रूप नारायण पटेल से कहा कि गांव में अगर कोई ऐसा परिवार हो, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण पर ध्यान न देते हों और उनकी ही संपत्ति पर काबिज हों, तो ऐसे लोगों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएं। ताकि, प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जा सके। इस तरह की कार्रवाई भरण पोषण एक्ट के सेक्शन 16 के तहत की जा रही है।
खेत पर भी दिलाया गया कब्जा
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राजातालाब की नायब तहसीलदार ने कहा कि बूढ़े मां-बाप रद्दी का कागज नहीं हैं। जब कोई चाहे, उन्हें घर से उठाकर बाहर फेंक दे। बुजुर्ग मां-बाप का ध्यान रखना और उनकी सेवा करना बेटों का धर्म है। जो अपने बुजुर्ग मां-बाप की देखरेख नहीं करते हैं, वह उनकी मर्जी के बिना न उनके मकान में रह सकते हैं और न उनके खेत में हल चला सकते हैं।
बुजुर्ग का बेटा उमाशंकर भदोही के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है। चंद्रबली, सूर्यबली, विजय कुमार, ताराशंकर और रमाशंकर खेती करते हैं।