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वाराणसी: पड़ाव से रामनगर के बीच गंगा किनारे बनेगा एक्सप्रेस-वे, छह किमी लंबी सड़क के लिए सर्वे शुरू

Mon, 08 Mar 2021 03:31 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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वाराणसी में गंगा पार रेती को गुलजार करने के लिए अब इस क्षेत्र को सीधे ग्रांट टैंक (जीटी) रोड से जोड़ने की तैयारी है। रामनगर से पड़ाव के बीच गंगा के समानांतर करीब छह किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। इस सड़क का गंगा पार रेती से सीधा जुड़ाव होने के कारण चंदौली, मिर्जापुर, बिहार और मध्यप्रदेश सहित अन्य शहरों के सैलानी व श्रद्धालु बिना शहर में प्रवेश किए सीधे गंगा घाटों पर पहुंच जाएंगे। इस सड़क के लिए जमीन चिह्नांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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दरअसल, शहर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन गंगा पार रेती को विकसित करने की तैयारी में है, जिससे घाटों पर पहुंचने वाली भीड़ गंगा पार इलाके में पहुंचे और वह इलाका भी उपयोगी बनाया जा सके। ऐसे में रामनगर से पड़ाव के बीच गांवों के बाहरी हिस्से से फोरलेन सड़क बनाने की योजना है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को जमीन चिन्हांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

माना जा रहा है कि कई बड़े हिस्से में सरकारी जमीन इस सड़क के लिए उपयोगी हो सकती है। यहां बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा घाटों पर दबाव कम करने के लिए गंगा पार रेती को विकसित करने और वैकल्पिक मार्ग का सुझाव दिया था। इस नई सड़क के निर्माण से करीब एक लाख लोगों को गंगा पार रेती पर आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। माना जा रहा है कि इस सड़क के बनने से प्रतिदिन 20 हजार से ज्यादा लोग इस सड़क का उपयोग कर गंगा किनारे पहुंचेंगे।

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सड़क के साथ दो पार्किंग भी होगी विकसित
रामनगर से पड़ाव के बीच बनने वाली नई सड़क पर दो बड़ी पार्किंग भी विकसित होगी। इसमें पूर्वांचल सहित अन्य राज्यों से आने वाले सैलानियों को आसानी से गंगा किनारे पहुंचाने के साथ ही उनके वाहनों को खड़ा कराने की व्यवस्था होगी। फिलहाल अस्सी और राजघाट के अलावा शहर के ज्यादातर घाटों पर पहुंचने के लिए सैलानियों और श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करनी पड़ती है, जबकि गंगा पार रेती पर वाहन के साथ पहुंचने की योजना बनाई जा रही है।

मई तक डीपीआर, जुलाई से धरातल पर आएगी योजना
इस नई परियोजना का डीपीआर मई तक तैयार किया जाएगा। 15 अप्रैल तक सर्वे का काम पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद इस पर काम शुरू होगा। अधिकारियों का कहना है कि सड़क के लिए कुछ इलाकों को छोड़कर बाकी जगहों पर जमीन की समस्या नहीं आएगी।
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हाई फ्लड जोन से बाहर आ जाएंगे गांव
दरअसल, गंगा से सटे दर्जनों गांव हाई फ्लड लैंड में शामिल हैं। गंगा किनारे एचएफएल की ऊंचाई से सड़क निर्माण की योजना है। इस सड़क के बनने से इसके आसपास के गांव एचएफएल से बाहर हो जाएंगे। वर्तमान में एचएफएल की वजह से इन गांवों में वीडीए के नक्शा स्वीकृति पर रोक है और निर्माण कार्य भी प्रतिबंधित है। रामनगर से सेमरा तक एक सड़क बनने से कई इलाके एचएफएल से बाहर हो जाएंगे। उसी तर्ज पर रामनगर से पड़ाव की सड़क को तैयार किया जाएगा।

एक नजर में
- छह किमी लंबा होगा रामनगर-पड़ाव फोरलेन
- प्रतिदिन 20 हजार लोगों के यातायात की उम्मीद
- मई तक तैयार हो जाएगा परियोजना का डीपीआर
- गंगा पार रेती को सीधा जोड़ेगी सड़क
- 50 से ज्यादा गांव एचएफएल से हो जाएंगे बाहर

रामनगर से पड़ाव के बीच वैकल्पिक मार्ग की कार्ययोजना बनवाई जा रही हैं। जमीन के चिन्हांकन के साथ ही सर्वे कराया जा रहा है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस नई सड़क को विकसित किया जाएगा। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
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