ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र, उनके बेटी, दमाद सहित 10 की अग्रिम जमानत अर्जी सोमवार को वाराणसी के कोर्ट ने खारिज कर दी। सत्र न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने भदोही में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को बयान बदलने, सुलह के लिए दबाव बनाने की नीयत से घर में घुसकर मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में यह फैसला सुनाया।
ज्ञानपुर के जेल में बंद विधायक विजय मिश्र के दो पुत्रियों, दो दामादों, एक नाती व एक पोता समेत 10 आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दायर की थी। जमानत अर्जी का विरोध डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ल व पीड़िता के अधिवक्ता ब्रजेश कुमार मिश्र, विपिन कुमार शुक्ल ने किया। पीड़िता ने इस मामले में जैतपुरा थाने में बीते 13 सितंबर को विधायक विजय मिश्र समेत 14 के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
अदालत ने जिन आरोपियों की अर्जी खारिज की उन सभी को भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। अदालत ने कहा कि भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद अग्रिम जमानत नहीं दी सकती। जिन आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज की गई है, उसमें विकास मिश्र, राजू दूबे, सतीश मिश्र, विभा दूबे, रतन मिश्र, रीमा पांडेय, मुकेश तिवारी, गरिमा तिवारी, विमलधर दूबे व प्रकाश चंद्र मिश्र शामिल हैं।