बीएचयू में वाराणसी इंस्टीट्यूट ऑफ हिस्ट्री में राष्ट्रीय संगोष्ठी में इतिहास और संस्कृति में श्रीराम विषय पर विस्तार से चर्चा की। उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने कहा कि प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों के बारे में नई पीढ़ी को बताना होगा। उनका जीवन आदर्श वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है।
विज्ञान संस्थान के संगोष्ठी सभागार में ऋतु खंडूरी ने कहा कि राम राज्य की बात महात्मा गांधी भी करते थे। उस समय प्रकृति का अनादर नहीं होता था। बेल्जियम से आए डॉ. कोएनार्ड एल्सट ने राम जन्म भूमि आंदोलन की चर्चा की। उन्होंने रामजन्म भूमि के लिए कमेटी बनाए जाने के बारे में भी बताया।
प्रो. बीआर मणि ने राम की प्राचीनता की पुष्टि करने वाले पुरातात्विक साक्ष्यों से लोगों को अवगत कराया। साथ ही भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण की ओर से 2002-03 में अयोध्या के उत्खनन की जानकारी दी। इंस्टीट्यूट ऑफ हिस्ट्री की संस्थापिका एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. अरुणा सिन्हा ने विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. जयलक्ष्मी कौल, डॉ. कल्पना सिंह, डॉ. श्रेया पाठक मौजूद रहे।