कर्मयोगी पीठ द्वारा संचालित 21 दिवसीय गीता चेतना यात्रा और गीता प्रेरणा महोत्सव का समापन मंगलवार को बुद्ध थीम पार्क में हुआ। मुख्य अतिथि प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है। यह मानव जीवन को दिशा देने वाला सार्वभौमिक ज्ञान है। अध्यक्षता कर रहे सीआरपीएफ कमांडेंट आरएस बालापुरकर ने कहा कि सुरक्षा बल अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों पर कार्य करते हैं। इन आदर्शों का मूल भाव गीता के कर्मयोग में निहित है। सारस्वत अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामसुधार सिंह ने कहा कि गीता भारतीय चिंतन की सबसे सशक्त आधारशिला है। किसी भी समाज की सांस्कृतिक चेतना उसके विचारों से निर्मित होती है। यात्रा के प्रमुख संयोजक कर्मयोगी गौरव मिश्र ने बताया कि 21 दिनों तक चली गीता चेतना यात्रा ने गांवों, मोहल्लों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों तक पहुंचकर संदेश पहुंचाया। होमगार्ड कमांडेंट मेजर अरविंद सिंह, बृजेश मिश्र, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र सिंह ने भी विचार रखे। स्वागत जिलाध्यक्ष दीपक मिश्र, संचालन शुभम जायसवाल धन्यवाद ज्ञापन शिवशरण सिंह ने किया।