बीएचयू के मुंशी प्रेमचंद स्मारक एवं शोध संस्थान (लमही) कल से राजभाषा माह पर कहानी पाठ और वक्तव्य की शृंखला शुरू कर रहा है। इसमें प्रेमचंद की परंपरा या कहानी विधा में बेहतर लेखन करने वाले कथाकारों को समय-समय पर आमंत्रित किया जाएगा। वे प्रेमचंद जी की जन्मस्थली पर कहानी का पाठ करेंगे। इस क्रम की शुरुआत शिवमूर्ति के कहानी पाठ ‘सिरी उपमा जोग’ से की जा रही है। वह ‘प्रेमचंद और मेरा लेखन’ विषय पर वक्तव्य देंगे। संस्थान के समन्वयक प्रो. नीरज खरे ने बताया कि वार्षिक अकादमिक कैलेंडर-2026-27 के अनुसार हर महीने कई अकादमिक और साहित्यिक कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने के लिए संस्थान का वर्किंग ग्रुप कार्य कर रहा है।