वाराणसी। सड़क बनाने के दौरान सीवर चैंबरों को ढक दिया जा रहा है। जिसके चलते चैंबर के आसपास की सड़कें धंस जा रही हैं। सीवर चैंबर में मीथेन गैस का निर्माण होता है। ढक्कन बंद होने से चैंबर के आसपास की सड़कों को तोड़कर गैस बाहर निकलती है। सीवर चैंबर के ऊपर नीचे होने के कारण सबसे अधिक दिक्कत वाहन चालकों को होती है। सड़क पर अचानक से कोई सीवर चैंबर आता है तो वाहन असंतुलित हो जाते हैं। शहर के पॉश इलाके सिगरा, महमूरगंज, भेलूपुर, बेनयाबाग, नई सड़क, सिद्धगिरिबाग में आसानी से देखा जा सकता है। सीवर चैंबर के ऊपर जैसे ही वाहनों का पहिया जाता है वैसे ही रफ्तार धीमी हो जाती है। पीछे चलने वाले वाहनों की कई बार टक्कर हो जाती है। इसके लिए कहीं न कहीं जलकल के अधिकारी जिम्मेदार हैं। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि लंबे समय से इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती।
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सीवर चैंबरों को सड़क निर्माण में न ढकने के लिए पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को पत्र भेजा जा रहा है। अनुरोध किया जाएगा कि सड़क निर्माण में इस पर विशेष ध्यान दें ताकि सफाई में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। - ओपी सिंह, सचिव जलकल