बीएचयू के मालवीय मुल्य अनु'शीलन केन्द्र में संगोष्ठी में विचार व्यक्त करते राजीव रजंन गिरि ।
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बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय स्थित संबोधि सभागार में पंडित दीन दयाल उपाध्याय पीठ द्वारा मंगलवार को व्याख्यान हुआ। पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद: कल्पना और पुनर्कल्पना विषय पर आधारित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समकालीन समाज, राष्ट्र-निर्माण और सतत विकास के संदर्भ में इस दार्शनिक विचारधारा की व्यावहारिक प्रासंगिकता का विश्लेषण करना था। मुख्य वक्ता दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गया के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह रहे। तीन दशकों से अधिक के अपने शैक्षणिक व प्रशासनिक अनुभव को साझा करते हुए प्रो. सिंह ने शिक्षा को राष्ट्रीय प्रतिबद्धता और नैतिक मूल्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। संयोजन पं. दीनदयाल उपाध्याय अध्ययन पीठ के समन्वयक प्रो. ताज प्रताप सिंह ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के आचार्य, शोधार्थी और भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।