उन्होंने मामले में बृजेश सिंह, कुमार सिद्धार्थ सिंह, विनोद श्रीवास्तव, अजय गुप्ता, बृजेश निषाद, सूर्यमणि पांडेय आदि को इसका गवाह बनाया है। अधिवक्ता ने कहा है कि जब दोनो देश की सेनाएं सीमा पर तैनात हैं, ऐसे नाजुक दौर में इस तरह की टिप्पणी देश में अशांति व अस्थिरता पैदा करने वाली है।
इससे दुश्मन देशों को फायदा पहुंचाने और देश का मनोबल कमजोर करने का प्रयास किया गया। सुरेंद्र प्रताप ने कोर्ट से मांग की कि आरोपियों के खिलाफ थाना लाइन बाजार में मुकदमा दर्ज करने का आदेश किया जाए, जिससे देश को कमजोर करने वालों को सीख मिले।