राम जानकी मठ में सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का महारुद्राभिषेक
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सावन माह में संत पंजाबी महाराज के जन्मोत्सव पर मानव कल्याण के लिए शनिवार को वाराणसी के अस्सी स्थित राम जानकी मठ में सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का महारुद्राभिषेक व सहस्त्रार्चन हुआ। इस दौरान मानव जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। पं. उमाकांत याज्ञिक की आचार्यत्व में 11 वैदिक विद्वानों और बटुकों ने गणेश पूजन किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पार्थिव शिवलिंगों का पंचामृत स्नान कराकर अंगवस्त्रम धारण कराया गया। सुगंधित फूलों, फलों, मिष्ठानों आदि नैवेद्य अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया गया। दिल्ली, मुंबई कोलकाता, चित्रकूट व प्रयागराज आदि शहरों से आए भक्तों ने दूध व बेलपत्र से भगवान शिव की पूजा की। गुरु चरण पादुका पूजन किया गया।
मंदिर परिसर को बेला, गजरा, चंपा, कनेर व मदार आदि फूलों और कामिनी की पत्तियों से सजाया गया। मठ के व्यवस्थापक रामलोचन दास ने बताया कि काशी में सावन माह में भगवान शिव का सामूहिक रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। पार्थिव शिवलिंग के पूजन से सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं। रविवार को अनुष्ठान का समापन भंडारे से होगा। पूजन में सूरत के महामंडलेश्वर रामनरेश महाराज, शोभित राजन, यशवर्धन, अभिजीत, हर्षित, सिंघल, अजय अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, रजत सहगल आदि मौजूद रहे।