इसमें पर्यटकों के लिए अलग-अलग पैकेज भी तय किया गया है। वाराणसी के घाटों पर सफर के लिए 850 रुपये किराया तय किया गया है। वाराणसी से कैथी और वाराणसी विंध्य धाम के लिए 1499 रुपये का भुगतान पर्यटकों को करना होगा। इसी पैकेज में सैलानियों के लिए नाश्ते का भी इंतजाम रहेगा।
उप निदेशक पर्यटन आरके रावत पीपीपी मॉडल पर पहले सोलर बोट के संचालन की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। वाराणसी से विंध्य धाम और कैथी मार्कंडेय महादेव तक सोलर बोट के संचालन की सभी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं।
आदित्य गंगा क्रूज सेवा के प्रबंधक प्रियांक देव सिंह ने कहा कि सोलर बोट से काशी से मार्कंडेय महादेव और सुबह-ए-बनारस का सफर अगस्त से शुरू होगा। सुबह से लेकर शाम तक का रूट तय कर लिया गया है। बोट का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। इसका संचालन रविदास घाट से होगा।
जलमार्ग यातायात को बढ़ावा देने के लिए भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) घाटों के किनारे जेटी का निर्माण भी कराएगा। अधिकारियों के मुताबिक मार्कंडेय महादेव धाम के अलावा काशी के प्रमुख घाटों, चुनार और विंध्यवासिनी धाम में जेटी लगाई जाएगी। इससे पर्यटकों को सुविधा होगी।
जल परिवहन को बढ़ावा मिलने से पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियां भी तेज होंगी। घाट पर जेटी बन जाने पर जलयानों से सामान उतारने चढ़ाने में सहूलियत होगी। अधिकारियों के मुताबिक पर्यटन और व्यापार को ध्यान में रखकर जलमार्ग यातायात से संबंधित सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।