कांवड़ रखने के साथ ही जलपान, रात्रि विश्राम, गरम पानी सहित कांवड़ियों की हर जरूरत का ध्यान रखा जाता है। इस साल सिंधी धर्मशाला नहीं मिलने से हम लोग शिविर नहीं लगा पा रहे हैं। इसके लिए हमने पीएम से लेकर सीएम तक पत्र के माध्यम से गुहार लगाई थी, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है।
शिविर नहीं लगने के कारण बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने आने वाले कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि सेवा समिति अगर चाहे तो वह शिविर के संचालन के लिए दूसरा विकल्प देख सकती है, प्रशासनिक मदद की जाएगी।
लगाए जा रहे हैं छोटे-छोटे शिविर
वाराणसी शहर में कांवड़ियों के स्वागत के लिए रथयात्रा पर छोटे-छोटे कांवड़िया शिविर लगने शुरू हो गए हैं। रविवार की शाम से ही कांवड़ियों का जत्था बनारस पहुंचना शुरू हो जाएगा। वहीं शहर की स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से भी जगह-जगह छोटे-छोटे शिविर लगाकर सेवा के इंतजाम किए जाएंगे।
श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे कांवड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
सावन के सोमवार पर शिवभक्तों के स्वागत के लिए बाबा की नगरी में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। बाबा के धाम से लेकर पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग पर शिवालयों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिव की नगरी में सावन के पहले सोमवार पर छह लाख से अधिक शिवभक्तों के आने की संभावना है। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर गोदौलिया और लक्सा तक श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग लगाने का काम शनिवार को चलता रहा। मंदिर के गेट नंबर चार से गोदौलिया और मैदागिन तक स्टील की बैरिकेडिंग लगाई है। शहर के शिवालय जागेश्वर महादेव, महामृत्युंजय मंदिर, तिलभांडेश्वर, आदि विश्वेश्वर, मोटे महादेव, ऋण मुक्तेश्वर, मनोकामेश्वर, गौरी केदारेश्वर, सारंगनाथ और शूलटंकेश्वर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बीएचयू स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग की गई है। पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग के शिवालयों में भी तैयारियां चल रही हैं।