सर्व सेवा संघ भवन पर चला बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ की स्थापना 1960 में हुई थी। 14 एकड़ जमीन पर सर्व सेवा संघ का परिसर है। 26 जून 2023 को जिलाधिकारी कोर्ट ने रेलवे के हक में फैसला सुनाया और संघ भवन, परिसर को खाली करने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। फिर परिसर खाली कराकर शनिवार (12 अगस्त) को बुलडोजर चला दिया गया। देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, आचार्य विनोबा भावे, जयप्रकाश नारायण और डॉ. संपूर्णानंद जैसी नामचीन हस्तियों की पहल पर सर्व सेवा संघ की शुरुआत अप्रैल 1948 में की गई थी। राजघाट पर 1960 में सर्व सेवा संघ का परिसर अस्तित्व में आना शुरू हुआ। इस बीच राजघाट स्थित जमीन के मालिकाना हक को लेकर उत्तर रेलवे और सर्व सेवा संघ के बीच अदालती लड़ाई शुरू हो गई।
सर्व सेवा संघ भवन पर चला बुलडोजर
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वाराणसी के जिलाधिकारी विवाद का निपटारा करें। बीते 26 जून को जिलाधिकारी एस. राजलिंगम की कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और कहा कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जिस जमीन पर सर्व सेवा संघ काबिज है, वह रेलवे की है। 27 जून को ही उत्तर रेलवे प्रशासन ने भवन खाली करने का नोटिस चस्पा कर दिया। रेलवे ने जिलाधिकारी कोर्ट के आदेश के का हवाला दिया और कहा कि 30 जून को सर्व सेवा संघ के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। इसके खिलाफ सर्व सेवा संघ ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। पहले हाईकोर्ट, फिर सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन कोई राहत नहीं मिल सकी। 22 जुलाई को सर्व सेवा संघ परिसर स्थित भवनों को खाली करा दिया गया। अब रेलवे प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त करा दिया।
रोती रहीं महिलाएं, नहीं हुआ असर
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सर्व सेवा संघ परिसर के भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई तो मुख्य द्वार पर आई महिलाएं रोने लगीं। वह पुलिस और प्रशासन के अफसरों से गुहार लगा रही थीं कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न की जाए। इसे लेकर महिलाओं की पुलिस कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। हालांकि, उनकी एक नहीं सुनी गई और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही। इधर, बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को देखने के लिए इलाके के लोग भी सर्व सेवा संघ परिसर के इर्द-गिर्द इकट्ठा हुए थे। हालांकि पुलिस ने सभी को हिदायत देकर परिसर के आसपास से हटने को कहा तो सभी चले गए।
अब ऐसा दिख रहा सर्व सेवा संघ का भवन
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राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ परिसर में भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है। संघ के अधिवक्ता भुवन मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में मुकदमा दाखिल किया गया है। इस पर 14 अगस्त को सुनवाई होनी है। यह मुकदमा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही दाखिल किया गया है। इस बीच ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया।
राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ में गांधी और विनोबा की यादें है। परिसर में सर्व सेवा संघ प्रकाशन, गांधी विद्या संस्थान, साधना स्थल, गांधी स्मारक, जेपी प्रतिमा और आवास, वाचनालय, औषधालय, बालवाड़ी, अतिथि गृह, चरखा प्रशिक्षण केंद्र और डाकघर हैं। कभी यहां गांधी के विचार से प्रेरित लोगों का जुटान होता था। आचार्य विनोबा भावे, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और अंतरराष्ट्रीय स्कॉलर शूमाकर जैसी हस्तियां भी यहां आ चुकी हैं।