शास्त्रीय संगीत के दक्षिण एवं उत्तर भारतीय शैली के अद्वितीय संगम का साक्षी बनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे। मंच से जैसे ही वीणा और सुरबहार की तान निकली, रोम-रोम झंकृत हो गया। अवसर था रविवार को वाराणसी के भदैनी स्थित सितार कुंज में श्रीमती प्रमिला मिश्रा संगीत एकेडमी के तत्वावधान में आयोजित वीणा और सुरबहार की जुगलबंदी कार्यक्रम का।
चेन्नई से पधारे प्रख्यात वीणा वादक पंडित बोनाला शंकर प्रसाद एवं बनारस घराने के विश्वविख्यात सुरबहार वादक पंडित देवब्रत मिश्र की जोड़ी ने मंच से शास्त्रीय संगीत का जादू बिखेर दिया। सर्वप्रथम गणेश वंदना के बाद राग किरवानी में अलाप, जोड़ के बाद आदि ताल में एक पल्लवी प्रस्तुत किया।
अंत में मैसूर घराने के राग पर आधारित बंदिश प्रस्तुत किया तो सभागार में उपस्थित सभी श्रोता वाह-वाह कर उठे। कार्यक्रम में हैदराबाद से आए मृदंगम वादक पंडित पतरी सतीश कुमार एवं काशी के तबला वादक प्रशांत मिश्रा ने भी जबरदस्त जुगलबंदी प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस दौरान सितारविद पंडित शिवनाथ मिश्रा, मधु, रागिनी मिश्रा आदि रहे।