शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि, छह फरवरी से आवेदन शुरू होने थे, लेकिन स्कूलों की मैपिंग के कारण पोर्टल दो दिन देरी से खुला। अभिभावकों को दो दिन के इंतजार के बाद पंजीकरण करने का मौका मिला। पोर्टल शुरू होने के बाद से अब तक 2514 आवेदन आ चुके हैं।
पहले चरण की प्रक्रिया 28 फरवरी तक चलेगी। एक से 10 मार्च तक आवेदनों का सत्यापन होगा। इसके बाद लॉटरी निकाली जाएगी। दो दिन की देरी के बाद शुरू पोर्टल पर एक दिन में लगभग 1200 आवेदन आ चुके हैं। उम्मीद है कि इस बार दोगुने आवेदन आएंगे।
विभाग ने पिछली गलतियों से ली सबक
आरटीई के तहत पिछले साल कई ऐसे स्कूल थे, जिनके नाम पोर्टल में दर्ज थे, मगर वह अस्तित्व में नहीं थे। ऐसे स्कूलों में सीटों की गणना भी कर ली गई थी। स्कूल भी आवंटित हो गए थे। मौके पर पता चला कि स्कूल बंद हैं। यहां के बच्चों को बाद में दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करना पड़ा। विभाग ने पिछली गलतियों से सबक लेकर स्कूलों की दोबारा मैपिंग कराई है।
नौ हजार सीटों पर होंगे दाखिले
जिले में 1422 स्कूलाें में करीब नौ हजार से ज्यादा सीटें आरक्षित हैं। इन स्कूलों में बच्चों को तीन चरणों में दाखिले मिल सकेंगे। ऐसे में अभिभावक मनपसंद स्कूलों में दाखिले के लिए जोर लगा रहे हैं।
आरटीई के तहत आवेदन शुरू हो चुके हैं। पिछले दो दिन की बात करें तो पोर्टल पर अब तक 2500 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। - डॉ. अरविंद पाठक, बीएसए