राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सोमवार को शिवाला घाट से श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा गृह संपर्क अभियान शुरू हुआ। काशी प्रांत के प्रचारक रमेश ने गंगा पूजन कर इस अभियान की शुरुआत की। अयोध्या से आए पूजित कलश अक्षत देकर मां गंगा को निमंत्रित किया गया। इसके बाद श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, चिंतामणि गणेश मंदिर, गौरी केदारेश्वर मंदिर में भी पूजन कर देवताओं को निमंत्रित किया गया।
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक ने कहा कि भगवान श्रीराम जब वनवास से लौट रहे थे तब निषाद राज के यहां माता सीता ने भी गंगा पूजन किया था और कहा था पति देवर संग कुसल बहोरी। आइ करौं जेहिं पूजा तोरी...। मां गंगा के पूजन का उद्देश्य यह है कि कलयुग में मां गंगा ही प्रत्यक्ष देवी हैं। प्राण-प्रतिष्ठा निर्विघ्न रूप से संपन्न हो, इसके लिए मां गंगा की आराधना की गई। गंगा पूजन में कांची कामकोटि पीठ काशी के प्रबंधक सुब्रमण्यम मणि रहे। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के न्यासी के. वेंकटरमण घनपाठी ने पूजन कराया। इसके बाद स्वयंसेवकों की टोली ने गृह संपक अभियान शुरू किया। घरों में पूजित अक्षत और नवनिर्मित श्रीराम मंदिर का चित्र देकर 22 जनवरी के लिए लोगों को भजन कीर्तन सहित दीपावली मनाने का आग्रह किया गया। यह अभियान 1 से 15 जनवरी तक चलेगा। जिसमें संपूर्ण हिंदू समाज को अयोध्या आने का आग्रह किया गया है। इस अवसर पर डॉ. नागेंद्र पांडेय, संतोष, रविकांत, बिपिन, ब्रजेश, डॉ. वैभव जायसवाल, अजित, जयप्रकाश आदि मौजूद रहे।