स्वनिधि योजना में बनारस सबसे ऊपर है। यहां 47000 वेंडरों को रजिस्टर्ड किया गया। 27000 वेंडरों का ऋण स्वीकृत हुआ है। 24000 वेंडरों को 24 करोड़ रूपया बांटा गया। स्मार्ट सिटी योजना में 1000 करोड़ रुपये के योजना लागू किए गए। अब तक 270 करोड़ रुपये के कार्य पूरे हो चुके हैं। अन्य सभी पर कार्य चल रहा है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में बनारस और ऊपर आएगा
सचिव ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन में तेजी से कार्य हुआ है। जिसका बदलाव गलियों, सड़कों, गंगा घाटों पार्कों आदि पूरे शहर में दिख रहा है। 2021 के स्वच्छ सर्वेक्षण में बनारस और ऊपर आएगा। बनारस 100 में से पांचवा शहर है स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में। अगले वर्ष सभी 1000 करोड़ रुपए के कार्य पूर्ण हो जाएंगे। शहर में 18000 आवास स्वीकृत है जिसमें 8000 आवास पूरे हो चुके हैं।
रुद्राक्ष विश्व स्तरीय प्रोजेक्ट अद्भुत दर्शनीय होगा
सचिव ने कहा कि रुद्राक्ष विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट है। यह अद्भुत दर्शनीय होगा। गंगा घाटों पर हेरिटेज लाइट, मालवीय ब्रिज की खूबसूरती, पुरानी काशी की वार्डों के मरम्मत आदि कार्य पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। कार्य ऐसे हुए हैं इससे यहां का हेरिटेज बढ़ रहा है। काशी की पौराणिकता को सजोये रखकर आकर्षक ढंग से कार्य हो रहे हैं।
बनारस में हुआ उल्लेखनीय काम
सचिव ने कहा कि बनारस में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। बहुत अच्छा काम हुआ इसकी उन्हें खुशी है। लगभग 11 माह बाद भ्रमण पर आये सचिव ने कहा कि बहुत अच्छा बदला हुआ बनारस दिख रहा है। परिवर्तन दिख रहा है। 6.5 वर्ष में शहर में जितना कार्य हुआ ऐसा कहीं देखने को नहीं मिला।
साइकिल फॉर चेंज कार्यक्रम में चार किलोमीटर चलाई साइकिल
साइकिल फॉर चेंज में स्वयं भाग लेकर लगभग 4 किलोमीटर तक साइकिलिंग की। कहा कि साइकिल फॉर चेंज व स्ट्रीट फार पीपुल कार्यक्रम लोकप्रिय हो रहे हैं। लोगों की भारी सहभागिता हो रही है। काशीवासी व यहां आने वाले लोग बदलते बनारस को महसूस कर इतनी तेजी से हुए विकास पर अचंभित होते हैं।
बैठक में अधिकारी रहे शामिल
बैठक में कमिश्नर दीपक अग्रवाल, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण राहुल पांडे, नगर आयुक्त गौरांग राठी शामिल रहे।