रोडवेज वाराणसी परिक्षेत्र में दो माह पहले सेवानिवृत्त हुए बाबू का भी पदोन्नत कर दिया गया। 30 जुलाई को बाबू सेवानिवृत्त हुआ और क्षेत्रीय प्रबंधक ने उसका प्रमोशन कर ग्रेड पे में बढ़ोतरी भी कर दी। परिक्षेत्र में इस मनमानी से कर्मचारियों में आक्रोश है। आईजीआरएस पर इसकी शिकायत भी की गई है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में 30 सितंबर तक बाबुओं की पदोन्नति करने के लिए कहा था। वाराणसी परिक्षेत्र को छोड़कर प्रदेश भर के ज्यादातर परिक्षेत्रों में तय समय पर ऐसा कर दिया गया। वाराणसी में क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने पदोन्नति के लिए एक कमेटी बनाई, इसमें आरएम, एसएम, एआरएम काशी, कार्यालय अधीक्षक और स.क्षे.प्र.(प्रावि./कार्मिक) शामिल हैं। इन पांच सदस्यों की ओर से वाराणसी परिक्षेत्र के जिन छह बाबुओं रविंद्र नाथ शर्मा, रामजनम, सच्चिदानंद तिवारी, कन्हैया लाल, नंदलाल यादव व ब्रह्मानंद तिवारी को प्रोन्नत दी गई।
कन्हैया लाल दो माह पूर्व सेवानिवृत्त
जिस सूची में कन्हैया लाल को शामिल कर प्रोन्नत दिया गया है, वह 30 जुलाई 2023 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेवानिवृत्त की कॉपी भी आरएम के कार्यालय में उपलब्ध करा दी गई है। इतना ही नहीं परिचालकों के प्रमोशन की लिस्ट भी तैयार की गई है। सूत्र बताते हैं कि इसमें भी चेहेतों का नाम शामिल किया गया है।
पांच दिन बाद परिचालक ने जमा किया कैश
रोडवेज वाराणसी परिक्षेत्र में लापरवाही चरम पर है। कैंट डिपो के एक परिचालक पांच तक दिन कैश अपने पास रखे रहा। मामला सामने आने के बाद परिचालक को चेतावनी दी गई। परिचालक ने 29 सितंबर का कैश जमा नहीं किया। जब दबाव बनाया गया तो वह पांच दिन बाद एक अक्तूबर को कैश जमा किया। अस्थायी गबन के श्रेणी में आने वाले इस अपराध पर उसे सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।