तिरंगा संग बही देश प्रेम की गंगा, नमामि गंगे ने 'गंगा द्वार' पर फहराया राष्ट्रीय
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गणतंत्र दिवस पर श्री काशी विश्वनाथ धाम का गंगाद्वार " हमारा संविधान सबका अभिमान" के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा। नमामि गंगे के सदस्यों ने संयोजक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में लोगों को शपथ दिलाई " हम भारत के लोग भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है "। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के दिव्य गंगा द्वार पर उपस्थित नागरिकों के साथ मां गंगा, मां सरस्वती और राष्ट्रध्वज की आरती उतारी गई। भारत माता की जय - वंदे मातरम की गूंज चहूंओर सुनाई पड़ी। गंगा स्वच्छता का आह्वान करते हुए संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि हमारा संविधान गणतंत्र की समृद्ध परंपरा है। भारतीय संविधान अपने आप में अनूठा है । यह दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। भारत का संविधान बहुत मजबूत है। संविधान हमारा पवित्र ग्रंथ है जिसमें हर मर्ज की दवा है। भारत के संविधान में देश को विविधता के साथ एकता के सूत्र में जोड़े रखने की कुंजी है। हमें सकारात्मक भाव से लैस होकर आगे बढ़ना है। प्रमुख रूप से काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला, महानगर संयोजक शिवदत्त द्विवेदी, कंचन मिश्रा नगीना पांडेय, सुनीता जायसवाल, रीता पटेल, गीता सचदेवा, दीप्ति पाठक, अजय कुमार, राहुल मिश्रा बड़ी संख्या में नागरिक गण शामिल रहे।