वाराणसी। घर से निकलने वाले ई-वेस्ट का समुचित निदान किया जाएगा। नागरिकों को सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 8335955000 से संपर्क करना होगा। इसके बाद पिकअप के लिए सुविधाजनक समय और तिथि निर्धारित की जाएगी। तय समय पर टीम पहुंचकर ई-वेस्ट एकत्र करेगी। उसका उचित मूल्य देगी। पर्यावरण के जानकार आरके सिंह ने बताया कि ई-वेस्ट को लैंडफिल में डालने या खुले में फेंकने से सीसा, पारा, कैडमियम और निकल जैसे विषैले तत्व मिट्टी में मिल जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता नष्ट हो जाती है। बारिश के पानी के साथ ये हानिकारक रसायन भूजल, नदियों, झीलों और अन्य जल स्रोतों में मिल जाते हैं, जिससे पीने का पानी दूषित होता है। ई-वेस्ट को जलाने पर क्लोरोफ्लोरोकार्बन, बेरियम और अन्य विषैले रसायन हवा में फैल जाते हैं। इससे ओजोन परत को क्षति पहुंचती है और ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती है। नगर निगम के अनुसार, एकत्र किए गए ई-वेस्ट को अधिकृत चैनलों से सुरक्षित चैनलाइजेशन और वैज्ञानिक तरीके से रिसाइकलिंग के लिए भेजा जाएगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने काशीवासियों से अपील की है कि वे पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स को कल की समस्या न बनने दें। ई-वेस्ट को गीले या सूखे सामान्य कचरे के साथ न मिलाकर अलग रखें और अधिकृत संस्था को ही दें। ब्यूरो