काशी की वार्षिक यात्राओं की अड़चन दूर करने के लिए ब्राह्मण महासभा ने पीएम को पत्र लिखा है। इसके साथ ही रविवार को भेलूपुर स्थित एक मंदिर में इसी मामले में हुई बैठक में भैरव सेना गठित करने पर विचार किया गया। ब्राह्मण महासभा के अजय शर्मा ने पीएम को भेजे पत्र में कहा है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पंचायतन में आने वाले चार मंदिरों सहित काशी खंडोक्त 50 से अधिक देवालयों को उनके मूल स्थान से हटा दिए जाने के कारण इस वर्ष सावन में होने वाली पंचक्रोशी सहित छह पौराणिक यात्राओं में बाधा होगी। यदि सावन से पहले काशी खंडोक्त देव विग्रह अपने स्थान पर नहीं रखे गए तो पंचक्रोशी यात्रा के साथ विश्वेश्वर अंतर्गृही यात्रा, द्वादश आदित्य, उत्तर मानस यात्रा छप्पन विनायक यात्रा प्रभावित होंगी। रविवार को भेलूपुर में हुई बैठक में बीएचयू के विधि विशेषज्ञ डॉ. क्षेमेंद्र मणि त्रिपाठी को विश्वनाथ मंदिर अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हिंदी अनुवाद और सारांश तैयार करने का दायित्व दिया गया। पूरे शहर में एक साथ विरोध प्रदर्शन के लिए घंटा, घड़ियाल बजाने, मानव श्रृंखला बनाने पर भी चर्चा की गई। बैठक में पंडित अनंत भट्ठ, नारायण घनपाठी, उपेंद्र विनायक सहस्त्रबुद्धे के साथ ही सभी दलों के समर्थक, मंदिरों के महंत, कर्मकांडी, बटुक शामिल रहे।