शहर में चौड़ी की जा रही पांच सड़कों के लिए निजी जमीन का मुआवजा देने पर बृहस्पतिवार को शासन ने हरी झंडी दे दी है। मंजूरी मिलने से 21 माह बाद 2700 काश्तकारों को मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इसमें करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अभी तक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से सिर्फ निजी भवनों का ही मुआवजा दिया जा रहा था। जमीन के मुआवजे को लेकर शासन से अनुमति की दरकार बाधा बन रही थी, जो समाप्त हो गई। अब जिले स्तर पर ही सभी मामलों को निस्तरित कर मुआवजा दिया जाएगा।
सड़क चौड़ीकरण में निजी जमीन का मुआवजा न मिलने का मामला 21 महीने से लंबित था। निजी जमीन का मुआवजा बिना शासन की अनुमति के नहीं दिया जा सकता था। दिसंबर 2021 से लेकर अभी तक 2700 काश्तकारों का 150 करोड़ रुपये का मुआवजा बाकी है। इसके लेकर आए दिन लोग पीडब्ल्यूडी कार्यालय के चक्कर काट रहे थे और कई सड़कों पर काम भी रोके हुए हैं। शासन से स्वीकृति मिलते ही लोक निर्माण विभाग जिले स्तर पर जमीन की रजिस्ट्री करा कर मुआवजा देगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की पहल
मंगलवार को वाराणसी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान विभाग के अधिकारियों ने निजी जमीन के मुआवजे के लिए शासन से अनुमति न मिलने की जानकारी दी। इस कारण कुछ परियोजनाओं पर काम बाधित है। मुख्यमंत्री ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया था। दो दिन में ही शासन ने स्वीकृति दे दी।
निजी जमीन के मुआवजे में अब देरी नहीं होगी। शासन ने हरी झंडी देते हुए जिले स्तर पर ही मामले सुलझाने को कहा है। अब संबंधित काश्तकार अपनी निजी जमीन की रजिस्ट्री कर विभाग से मुआवजा प्राप्त कर सकता है। -एके द्विवेदी, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी