वाराणसी। अपर जिला जज संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने जमीन की धोखाधड़ी के 29.50 लाख रुपये के मामले में एक विद्यालय के लिपिक, चपरासी समेत तीन आरोपियों को राहत दी है। मंगलवार को अदालत ने आरोपियों के खिलाफ दाखिल निगरानी याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका श्री युगल बिहारी इंटर कॉलेज के प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने दायर की थी। उन्होंने निचली अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। धर्मेंद्र का आरोप था कि उन्हें जमीन की जरूरत थी। विद्यालय के वरिष्ठ लिपिक सुनील द्विवेदी और चपरासी अवनीश कुमार सिंह ने उन्हें विवेक कुमार त्रिपाठी से मिलवाया। विवेक के बाबा रामयश त्रिपाठी अपनी जमीन बेचना चाहते थे। धर्मेंद्र ने विवेक और सुनील के खातों में 29.50 लाख रुपये दिए थे। पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने आनाकानी शुरू कर दी और धमकी भी दी। निचली अदालत ने प्रबंधक की याचिका पहले ही खारिज कर दी थी। निचली अदालत के इस आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी गई थी। प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दायर की थी। संवाद