महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए चल रही काउंसिलिंग के बाद मेरिट के आधार पर पहले नियमित सीटों का आवंटन किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार विद्यार्थी स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकेंगे। बृहस्पतिवार को पीजी की काउंसिलिंग की व्यवस्था पर सवाल उठने के बाद प्रवेश सेल की ओर से फैसला लिया गया।
इस बार स्नातक, स्नातकोत्तर में 65 पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। 35 पीजी पाठ्यक्रमों में मानक से कम सीट आने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मेरिट से दाखिला करवाने का निर्णय लिया। 30 पाठ्यक्रमों में परीक्षा करवाई गई है।
18 सितंबर से शुरू काउंसिलिंग की प्रक्रिया के दूसरे दिन गुरुवार को बीलिब, एमए अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, हिंदी, पत्रकारिता सहित अन्य विषयों के लिए सुबह से ही संबंधित संकायों, विभागों में छात्र पहुंचे। दोपहर में छात्र नेताओं ने प्रवेश सेल कार्यालय पहुंचकर काउंसिलिंग बंद करवा दी।
कहा कि 2022 से पहले स्नातक करने वालों को काउंसिलिंग से मना किया जा रहा है। इसके बाद प्रवेश सेल कार्यालय के सामने बैठकर समन्वयक से आपत्ति जताई। कहना था कि ऐसा कर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के साथ अन्याय कर रहा है।
प्रवेश सेल के हेड प्रो. संजय सिंह ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. केके सिंह और विभागों के अध्यक्ष के साथ बातचीत कर काउंसिलिंग संबंधी समस्या का समाधान करवाया। उन्होंने मांग कर रहे छात्रों को लिखित पत्र दिया। इसके बाद दोबारा प्रक्रिया शुरू हो सकी। कहा कि सभी अभ्यर्थियों की काउंसलिंग के बाद मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार स्ववित्तपोषित/पेड सीटें भरी जाएंगी।