नवरात्र में संपत्तियों की जमकर खरीद बिक्री हुई। 16 अक्तूबर से लेकर 21 अक्तूबर तक तीन हजार से ज्यादा संपत्तियों की खरीद ब्रिकी हुई। निबंधन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार महज सात दिनों में 30 करोड़ 26 लाख, 76 हजार 412 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। जो अक्तूबर महीने में मिले लक्ष्य का 32 फीसदी है।
नवरात्र का महीना किसी भी कार्य के लिए शुभ माना जाता है। इन नौ दिनों में लोग देवी दुर्गा की आराधना के साथ ही संपत्ति की खरीद व मंगल कार्य करना शुभ मानते हैं। इस नवरात्र भी शुभ अवसर का लाभ उठाते हुए लोगों ने जमकर संपत्तियों की खरीदारी की। आलम यह रहा कि नवरात्र के दूसरे दिन 16 अक्तूबर को 500 से अधिक बैनामे हुए। नवरात्र के अंतिम चार दिन अवकाश को देखते हुए लोगों ने 21 अक्तूबर तक खूब खरीदारी की। निबंधन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से सितंबर तक आठ हजार से अधिक रजिस्ट्री हुईं हैं। इनमें करीब 4400 रजिस्ट्री महिलाओं के नाम हैं। आंकड़ों के मुताबिक नवरात्र में हुई रजिस्ट्री में करीब 38 फीसदी रजिस्ट्री महिलाओं के नाम कराई गई है। एआईजी निबंधन एसके सैनी ने बताया कि अक्तूबर महीने में 98 करोड़ 88 लाख रुपये के राजस्व का लक्ष्य मिला था। इसमें से सर्वाधिक 32 फीसदी 30 करोड़ 26 लाख, 76 हजार 412 रुपये का राजस्व महज सात दिनों में ही प्राप्त हुआ है।