चिरईगांव। तीन अगस्त को रुस्तमपुर के अभय हॉस्पिटल में नेवादा की रहने वाली प्रसूता कंचन की मौत के मामले में दोबारा जांच शुरू हो गई है। डॉ. अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय मेडिकल टीम शुक्रवार को चिरईगांव पहुंची। टीम ने पीएचसी पर एंबुलेंस स्टाफ और आशा से पूछताछ की। उन्होंने एंबुलेंस की सूचना, मरीज के घर पहुंचने और प्रसव कक्ष में पहुंचने के समय का रजिस्टर से मिलान किया। टीम ने प्रसव कक्ष से रेफर करने के कारणों की भी जानकारी ली। इसके बाद टीम मृतका के गांव पहुंची, जहां नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। टीम ने मृतका कंचन की सास का बयान दर्ज किया। सास ने पीएचसी स्टाफ नर्स पर खराब व्यवहार और रेफर का कागज न देने का आरोप लगाया। प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई। कंचन की सास ने बताया कि गांव की कई गर्भवती महिलाओं का प्रसव पहले अभय हॉस्पिटल में हुआ था। इसलिए उन्होंने खुद वहां जाने का निर्णय लिया और ऑटो रिक्शा से चली गईं, जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई। जांच टीम अभय हॉस्पिटल पहुंची, जो सील पाया गया। पीएचसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि सील अस्पताल की देखरेख के लिए तैनात पुलिसकर्मी गायब थे।