राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय वाराणसी केंद्र की ओर से बुधवार को नागरी नाटक मंडली के प्रेक्षागृह में ‘रत्नावली’ का मंचन हुआ। महाकवि श्रीहर्षदेव कृत प्रसिद्ध इस संस्कृत नाटक की परिकल्पना एवं निर्देशन रंगकर्मी पियाल भट्टाचार्य ने की। नाटक में प्रेम, राजनीति और मानवीय भावनाओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला। एनएसडी वाराणसी केंद्र के विद्यार्थियों ने इस नाटक को नवीन रंग-संयोजन, संगीत और सृजनात्मक दृष्टि के साथ प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। सहायक निर्देशक सायक मित्रा रहे। हिंदी रूपांतरण राज बेंद्रे, साइकोग्राफी इंदरपाल सिंह, प्रकाश परिकल्पना गुंजन शुक्ला और वेशभूषा डिजाइन अभिषेक नैया ने की।