गाजीपुर। रमजान का दूसरा अशरा मगफिरत का आज से शुरू हो गया है। इसमें अल्लाह तआला अपने बंदों की मगफिरत (गुनाहों से माफी) फरमाता है। शुक्रवार को रोजा खोलने के बाद लोगों ने दूसरे अशरे के लिए खुदा का शुक्र अदा किया और अपनी गुनाहों की माफी मांगी। पाक माह रमजान को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला अशरा (दस दिन) रहमतों का, दूसरा मगफिरत का और तीसरा अशरा जहन्नम से आजादी का है। शुक्रवार को मुसलमानों ने अल्लाह के फजलो करम से पहला अशरा पूरा कर लिया। शुक्रवार की शाम से दूसरा अशरा लग गया। ऐसे में लोगों ने पहला अशरा गुजर जाने पर अल्लाह तआला का शुक्र अदा किया। दूसरा अशरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इस अशरे में कुरान के साथ ही कई आसमानी किताबें नाजिल (अवतरित) हुईं। मगरिब की आजान हुई तो लोगों ने खजूर और पानी से रोजा खोलने के साथ ही दस्तरख्वान पर सजे लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया। मगरिब की नमाज में बारगाहे खुदावंदी में दुआओं के लिए हाथ उठा लिए। अपनी परेशानियों के साथ ही कोरोना के खात्मे और पूरे हिंदुस्तान की हिफाजत की दुआ मांगी। उधर, शहर के मिश्रबाजार, कपूरपुर, विशेश्वरगंज, रौजा, कचहरी आदि इलाकों में चहल पहल रही। लोगों ने एक दूसरे को दूसरा अशरा शुरू होने पर बधाई दी। जबकि इसी तहर ग्रामीण इलाकों देवकली, मुहम्मदाबाद, नंदगंज, मौधा, सैदपुर, सेवराई, सुहवल, दिलदारनगर, बारा, गहमर, कासिमाबाद, बहरियाबाद में भी रोजेदारों ने रहमत का पहला अशरा पूरा होने और मगफिरत का दूसरा अशरा शुरू होने पर खुशी का इजहार किया। अल्लाह तआला का शुक्र अदा किया कि उसकी रहमत से उन्होंने इस एक अजीम अशरे को पूरा किया।