त्रिपुरा भैरवी स्थित राम रमापति बैंक में श्रीरामलला के जन्मोत्सव का उल्लास बृहस्पतिवार को भी छाया रहा। प्रभु के श्रीचरण में अर्पित वस्त्र और खिलौने बच्चे पाकर चहक उठे। सभी ने राम रमापति बैंक की परिक्रमा की। इसके साथ ही श्रीरामकथा की शुरुआत हुई।
श्रीरामलला का बुधवार को जन्मोत्सव मनाया गया था। श्रद्धालुओं ने प्रभु को वस्त्र और खिलौने चढ़ाए थे। बृहस्पतिवार को सुबह पूजन-अर्चन और मंगला आरती के दर्शन के बाद प्रभु को चढ़े खिलौने और वस्त्र वितरित किए गए। दोपहर बाद श्रीरामकथा की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। आनंद शंकर व्यास ने श्रीरामचरितमानस के बालकांड का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रभु के जन्म पर पुनर्वसु नक्षत्र में सूर्य, मंगल, शनि, बृहस्पति और शुक्र अपने उच्च स्थान में विराजित थे। कर्क लग्न में भगवान का जन्म हुआ। उनके जन्म पर राजा दशरथ के महल में आनंदोत्सव मनाया गया।