सीएजी जीसी मुर्मू ने बनारस रेल इंजन कारखाना का दौरा किया
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वाराणसी। जीरो कार्बन उत्सर्जन मिशन के तहत हाईड्रोजन ईंधन से रेलवे के संचालन का प्रयास जारी है। अब इसी क्रम में बरेका (बनारस रेल इंजन कारखाना) में बनने वाले रेल इंजनों को हाईड्रोजन ईंधन आधारित करने की तैयारी है। इसके लिए इंजीनियर लखनऊ में अध्ययन करने में जुटे हैं।
बरेका में अभी तक सिर्फ विद्युत और डीजल इंजन (विदेशी मांग पर) ही तैयार किए जाते हैं। अब आने वाले दिनों में यहां हाईड्रोजन ईंधन से चलने वाले इंजन को तैयार करने की योजना है। ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पिछले साल पहली बार वैकल्पिर्क इंधन संगठन और भारतीय रेलवे के हरिर्त इंधन प्रभाग ने हरियाणा के सोनीपत और जींद खंड पर पैसेंजर ट्रेन चलाने का प्रयास किया था।
बरेका के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विजय ने बताया कि भविष्य में हाईड्रोजन ईंधन से चलने वाले इंजन के निर्माण में बरेका सक्षम है। लखनऊ में इंजीनियर इसके बारे में अध्ययन भी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बरेका में डीजल और विद्युत इंजन के साथ हाईड्रोजन ईंधन से चलने वाले इंजन भी तैयार किए जा सकेंगे।