दीनदयाल हस्तकला संकुल में रविवार शाम सांस्कृतिक संध्या में कथक की प्रस्तुति साकार हुई। असम की कलाकार रागिनी कल्याण ने कथक के भावों को जीवंत किया। आरंभ पं. बिरजू महाराज द्वारा रचित गुरु वंदना गुरु चरणम पर शीश नवाऊं...से हुआ। समापन ठुमरी नृत्य ऐरी सखी मोरे पिया घर आये...से हुआ। इसमें लय के साथ भाव का समन्वय सुंदर रहा। शुभारंभ अजय श्रीवास्तव एवं नमिता पांडेय तथा कलाकार ने दीप जलाकर किया। संकल्पना और संयोजन डॉ. रत्नेश वर्मा एवं संचालन ललिता शर्मा ने किया। संवाद